The Fight Hindi Summary Chapter 6 It so happened Class 8

The Fight Hindi Summary Chapter 6 It so happened Class 8

लड़ाई रस्किन बॉन्ड की एक काल्पनिक कहानी है। इस कहानी में एक लड़का है ‘रणजी जिसके साहस ने उन्हें एक खराब स्थिति को  फलदायक परिणाम बनाने में मदद की।

रणजी और खूबसूरत झील

गर्मियों की छुट्टी थी और रणजी राजपुर में घर पर था। हर रोज वह पास के जंगल में टहलता था। एक दिन उन्हें जंगल की चट्टान में एक सुंदर और सुव्यवस्थित झील मिली। पानी साफ था और तल पर कंकड़ पत्थर स्पष्ट रूप से सतह से दिखाई दे रहे थे। रणजी ने गोता लगाया और गर्मी को बुझाया। उसने हर दिन यहां आने का फैसला किया।

The Fight summary

अगले दिन, उसने कल की तरह झील में डुबकी लगाई और झील के ठंडे पानी का आनंद लिया। तैरने के बाद, वह चट्टान के पत्थर पर आराम कर रहा था जो कि साल (एक तरह का वृक्ष, जिसके पत्ते काफी बड़े होते हैं) के पेड़ की छाया के नीचे था। वह तब तक आराम कर रहा था जब तक कि वह एक लड़के को घूरता हुआ नहीं मिला। रणजी ने लड़के की तरफ देखा।

योद्धा लड़का (warrior)

लड़का एक अच्छी कद काठी का लड़का था। उसे रणजी का झील में तैरना पसंद नहीं आ रहा था  उन्होंने रणजी को बताया कि यह उनकी झील है और उसे अजनबी पसंद नहीं है। उसके बोलने का तर्क काफी बुरा था। लड़का और अधिक बहस में चला गया। अब वह कहने लगा मैं एक योद्धा हूं मैं तुम्हें हरा दूंगा।

रणजी ने शुरू में स्थिति को सहज बनाने की कोशिश की। जब लड़के ने उससे शत्रुतापूर्ण तरीके से पूछा “तुम यहाँ क्या कर रहे हो, मिस्टर”; रणजी की प्रतिक्रिया थी “मैं यहां तैर रहा हूं, आप भी आ जाइये”। लेकिन, अब स्थिति नियंत्रण से परे थी। रणजी ने अब जवाब दिया कि आप एक योद्धा हैं और मैं एक लड़ाकू (fighter)हूं।

The Fight Hindi summaryयोद्धा से लड़ाई

यह उस लड़के के लिए पर्याप्त था, उसने  रणजी के चेहरे पर एक जोरदार थप्पड़ से लड़ाई शुरू की। रणजी ने भी अपनी ताकतवर मुट्ठी से लड़के के चेहरे पर एक बड़ा मुक्का मारा।

अब दोनों भयंकर लड़ाई में थे। कभी रेत में तो कभी पानी में। जल्द ही दोनों थक गए और तेजी से सांस ले रहे थे।

उन्होंने अगले दिन लड़ाई जारी रखने को रोकने का फैसला किया।

शाम को योद्धा से भेंटThe Fight hindi Translation

रणजी अब घर पर था। वह कुछ आराम करके शाम को बाजार गया। वहाँ, उन्होंने कुछ नींबू पानी और जलेबी ली। उसने योद्धा को अपने पास आते देखा। पहले तो उसने भागने की सोची, लेकिन उसने यह नहीं किया। वह दृढ़ता से खड़े होकर योद्धा की ओर क्रोध से देखा।

योद्धा ने भी वही प्रतिक्रिया दी।

दूसरा एनकाउंटर

रणजी संदेह में था, लड़ें या  से हार मान लें । उसने परिणाम के बावजूद झील जाने और लड़ने का फैसला किया। वह झील पर गया। वहां उन्होंने झील के दूसरी ओर योद्धा को देखा।

योद्धा अपने शरीर की तेल से मालिश कर रहा था। उसने रणजी को अपनी तरफ आने को कहा। रणजी ने शुरू में योद्धा को अपनी तरफ आने के लिए कहा। लेकिन जब योद्धा ने चुनौती दी कि रणजी झील की लंबाई से डरता है, तब उसने तेजी से झील में डुबकी लगाई और उसी सतह पर आ गया जब तक कि वह योद्धा के बहुत करीब नहीं था।

The Fight question answer solutionउनकी गोताखोरी से योद्धा आश्चर्यचकित था। उसने रणजी से पूछा, तुमने यह कैसे किया।

रणजी ने उन्हें बताया कि यह बहुत आसान है और उसने बताया कि कैसे गोता लगाना है।

अब योद्धा ने गोता लगाने की कोशिश की लेकिन उसने कूदते ही पानी से पूरे शरीर पर चोट किया। काफी आवाज़ हुई और आस-पास की शाखाओं पर पक्षी चीखने लगे। रणजी की हंसी छूट गयी. योद्धा ने उसे फिर से करने के लिए कहा।

अब रणजी ने गोता लगाया, अंदर ही अंदर योद्धा के चारो तरफ चक्कर लगायी, और पीछे से अचानक सामने आ गया। योद्धा फिर से चकित हो गया। उन्होंने रणजी से पूछा कि क्या वह उसे सिखा सकते हैं। रणजी ने जवाब दिया हां। अब दोनों दोस्त थे। योद्धा ने अब बताया कि उसका नाम सूरज है और वह पहलवान है।

कहानी का नैतिक शिक्षा:

यहां रणजी ने सूरज की मनमानी को स्वीकार नहीं किया और फिर से लड़ाई के लिए आने का फैसला किया। यदि वह नहीं आया होता, तो वह हमेशा के लिए झील पर अपना सारा अधिकार खो देता। यह उनकी हिम्मत थी कि रणजी और सूरज दोनों दोस्त बन गए। यह कहानी हमें साहसी बनना सिखाती है और मुश्किलों का सामान हिमायत से डट कर करने को कहती है ।

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